डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया किअचानक तेज दौड़ने से बचना सेहत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
बिना वार्म-अप के एकदम से तेज दौड़ने से दिल पर अचानक भारी दबाव पड़ता है, सांस फूलने लगती है, और मांसपेशियों या जोड़ों में गंभीर चोट (मोच) आ सकती है। दौड़ने की शुरुआत हमेशा बेहद धीमी गति से करनी चाहिए।अचानक तेज दौड़ने से नुकसानदिल की धड़कन: अचानक तेज गति से हार्ट रेट एकदम बढ़ जाता है।
सांस की समस्या: फेफड़ों पर दबाव पड़ने से ऑक्सीजन की कमी और घबराहट होती है।मांसपेशियों में खिंचाव: ठंडी मांसपेशियां अचानक लोड नहीं उठा पातीं जिससे दर्द होता है।सही तरीका और बचाववार्म-अप करें: दौड़ने से पहले 5 से 10 मिनट हल्की स्ट्रेचिंग करें।गति बढ़ाएं: पहली मील या शुरुआती कुछ मिनटों तक बहुत धीमी गति से दौड़ें।
सांस पर ध्यान: दौड़ते वक्त लंबी और गहरी सांस लें।रुकें नहीं: यदि थकान हो, तो एकदम लेटने के बजाय धीरे-धीरे टहलें।यदि आप दौड़ने का अभ्यास कर रहे हैं, तो :आपकी दौड़ने की अवधि (कितने समय से दौड़ रहे हैं)क्या आपको दौड़ते समय सांस फूलने या दर्द की समस्या होती है? ऐसी बातें नोटिस कर ही शुरुआत करें।

