राजेश्वरी धाम देवी राजरानी वैष्णो मंदिर में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाई गई अष्टमी

राजेश्वरी धाम देवी राजरानी वैष्णो मंदिर में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाई गई अष्टमी

जालंधर, 22 जुलाई। बस्ती शेख रोड स्थित राजेश्वरी धाम देवी राजरानी वैष्णो मंदिर में पावन अष्टमी का पर्व श्रद्धा, आस्था और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर में तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने मां देवी राजरानी जी के पावन दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।

धार्मिक आयोजन के दौरान महंत विनय जी ने माता रानी की महिमा का गुणगान करते हुए मधुर भजन-कीर्तन प्रस्तुत किया। उनके भजनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। माता रानी के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा और श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव से पूजा-अर्चना कर माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

मंदिर प्रबंधन ने बताया कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आस्था, सेवा, संस्कार और आपसी सद्भाव की भावना को मजबूत करने का माध्यम हैं। कार्यक्रम श्रद्धा और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर मंदिर प्रबंधक कमेटी के प्रधान जतिन बब्बर (स्वर्गीय श्री कैलाश बब्बर जी के पुत्र), चेयरमैन ज्योति बब्बर एवं उप चेयरमैन अभिमन्यु ने मंदिर में पधारी समस्त संगत का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के सहयोग एवं मां देवी राजरानी जी की असीम कृपा से मंदिर में समय-समय पर धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करते हैं। उन्होंने सभी से भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग और सहभागिता बनाए रखने की अपील की।

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि 29 जुलाई को मंदिर परिसर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। यह आयोजन दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक होगा, जिसमें भव्य भजन-कीर्तन, गुरु वंदना, मां देवी राजरानी जी की विशेष पूजा-अर्चना तथा अटूट लंगर का आयोजन किया जाएगा। मंदिर प्रबंधक कमेटी ने जालंधर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों की समस्त संगत से आग्रह किया कि वे अपने परिवार सहित इस पावन अवसर पर मंदिर पहुंचकर मां देवी राजरानी जी का आशीर्वाद प्राप्त करें और गुरु पूर्णिमा महोत्सव में शामिल होकर धार्मिक आयोजन का पुण्य लाभ लें।

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