डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि बच्चों के लिए कैफीन युक्त खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थ अनुशंसित नहीं हैं,
क्योंकि कैफीन शरीर द्वारा कैल्शियम के अवशोषण को बाधित करता है। कैफीन एक उत्तेजक भी है, जिसका अर्थ है कि यह बच्चों को कृत्रिम ऊर्जा प्रदान करता है। इन खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों में कॉफी, चाय, कुछ स्वादयुक्त पानी, एनर्जी ड्रिंक और चॉकलेट शामिल हैं।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक विश्लेषण से पता चलता है कि गर्भ में कैफीन के संपर्क में आना, भले ही थोड़ी मात्रा में हो, बचपन में कद कम होने का कारण बन सकता है। गर्भावस्था के दौरान कम मात्रा में कैफीन का सेवन करने वाली महिलाओं के बच्चे, उन महिलाओं के बच्चों की तुलना में थोड़े छोटे थे जिन्होंने गर्भावस्था के दौरान कैफीन का सेवन नहीं किया था।
कद में यह अंतर 4 से 8 वर्ष की आयु के बीच और भी बढ़ गया।इस शोध कार्य में दो पूर्व अध्ययनों के आंकड़ों का मूल्यांकन किया गया, जिसका नेतृत्व एनआईएच के यूनिस कैनेडी श्राइवर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ एंड ह्यूमन डेवलपमेंट (एनआईसीएचडी) के जनसंख्या स्वास्थ्य अनुसंधान प्रभाग की डॉ. जेसिका ग्लीसन और डॉ. कैथरीन ग्रांट्ज़ ने किया।
इसके निष्कर्ष JAMA Network Open में प्रकाशित हुए हैं ।स्वास्थ्य विशेषज्ञों और बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार, 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कॉफी या कैफीन युक्त पेय पदार्थ पूरी तरह से नहीं देने चाहिए।शोभा और सुरक्षित विकास के लिए 12 से 14 वर्ष की आयु के बाद ही बहुत सीमित मात्रा में कॉफी देने की शुरुआत की जा सकती है, और किशोरों (12 से 18 वर्ष) के लिए भी कैफीन की दैनिक सीमा 100 मिलीग्राम से कम होनी चाहिए।
बच्चों के लिए कॉफी नुकसानदायक क्यों है?
भूख कम होना: कैफीन बच्चों की भूख को प्रभावित करता है, जिससे वे सही से खाना नहीं खाते और उनके शरीर में पोषण की कमी हो जाती है।
नींद में बाधा: इससे बच्चों की नींद का पैटर्न बिगड़ सकता है, जिससे उनका मानसिक और शारीरिक विकास रुक सकता है।
पोषण का अवशोषण रुकना: कॉफी में मौजूद तत्व शरीर में आयरन और कैल्शियम जैसे जरूरी पोषक तत्वों के अवशोषण को कम कर देते हैं।
व्यवहार में बदलाव: अधिक कैफीन से बच्चों में चिड़चिड़ापन, बेचैनी और घबराहट जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

