व्यायाम के बाद दिल की धड़कन कितनी तेजी से सामान्य होती है, इससे मिल सकती है हृदय और रक्त वाहिकाओं की सेहत से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी। हार्ट रेट रिकवरी को समझना बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में एक उपयोगी कदम।
डॉ. अर्चिता महाजन
न्यूट्रिशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर
मास्टर्स डिग्री इन फूड, न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स | होम्योपैथिक फार्मासिस्ट |
ट्रेंड योगा टीचर
पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार हेतु नामांकित
पंजाब सरकार एवं हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित
लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित
व्यायाम के बाद दिल की धड़कन में बदलाव क्यों है महत्वपूर्ण?
दिल की सेहत का आकलन केवल ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल से ही नहीं होता, बल्कि व्यायाम के बाद दिल की धड़कन किस गति से सामान्य होती है, यह भी शरीर की फिटनेस से जुड़ा एक महत्वपूर्ण संकेत है। इसे मेडिकल भाषा में हार्ट रेट रिकवरी (Heart Rate Recovery-HRR) कहा जाता है।
न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी ग्रॉसमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन की कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नीका गोल्डबर्ग के अनुसार, हार्ट रेट रिकवरी हृदय और रक्त वाहिकाओं की सेहत का एक उपयोगी इंडिकेटर है। इससे शरीर की रिकवरी क्षमता और हृदय की कार्यप्रणाली के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
क्या होती है हार्ट रेट रिकवरी?
जब हम दौड़ते हैं, तेज चलते हैं या कोई अन्य शारीरिक गतिविधि करते हैं, तो शरीर को अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। इस दौरान दिल तेजी से धड़कता है। व्यायाम बंद करने के बाद दिल की धड़कन धीरे-धीरे कम होकर सामान्य स्तर की ओर लौटती है।
दिल की धड़कन में होने वाली इसी गिरावट को हार्ट रेट रिकवरी कहा जाता है।
उदाहरण के तौर पर, यदि व्यायाम के तुरंत बाद दिल की धड़कन 150 बीट प्रति मिनट है और एक मिनट बाद यह 120 बीट प्रति मिनट हो जाती है, तो हार्ट रेट रिकवरी 30 बीट प्रति मिनट होगी।
धीमी रिकवरी को नजरअंदाज न करें
व्यायाम के बाद दिल की धड़कन का धीरे-धीरे सामान्य होना कई बार कम शारीरिक फिटनेस या शरीर की रिकवरी क्षमता से जुड़ा हो सकता है। कुछ अध्ययनों में धीमी हार्ट रेट रिकवरी का संबंध हृदय संबंधी जोखिम और भविष्य में स्वास्थ्य समस्याओं की अधिक संभावना से भी पाया गया है।
हालांकि, केवल हार्ट रेट रिकवरी के आधार पर किसी व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग या अन्य बीमारी होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इसके लिए चिकित्सकीय जांच आवश्यक है।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और तनाव पर नियंत्रण हृदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। अपनी क्षमता के अनुसार नियमित तेज चलना, साइकिल चलाना या अन्य एरोबिक व्यायाम करना लाभदायक हो सकता है।
व्यायाम के दौरान यदि सीने में दर्द, असामान्य सांस फूलना, चक्कर आना या तेज धड़कन की परेशानी हो, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
डॉ. अर्चिता महाजन के अनुसार, हार्ट रेट रिकवरी शरीर की फिटनेस और हृदय की रिकवरी क्षमता को समझने का एक उपयोगी तरीका है। अपने दिल की धड़कन में होने वाले बदलावों को समझना, नियमित व्यायाम करना और समय पर स्वास्थ्य जांच करवाना हृदय को स्वस्थ रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

