आदरणीय राजयोगिनी बीके उषा दीदी जी का ब्रह्मा कुमारीज़ आश्रम 52 ग्रीन पार्क जालंधर में हुआ भव्य स्वागत;

आदरणीय राजयोगिनी बीके उषा दीदी जी का ब्रह्मा कुमारीज़ आश्रम 52 ग्रीन पार्क जालंधर में हुआ भव्य स्वागत;

प्रजापिता ब्रह्मा कुमारीज़ ईश्वरीय विश्व विद्यालय, 52 ग्रीन पार्क, जालंधर में आज एक भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विशेष इस अवसर पर माउंट आबू (राजस्थान) स्थित वैश्विक मुख्यालय से पधारीं देश की जानी-मानी वरिष्ठ राजयोग ध्यान शिक्षिका और प्रबंधन प्रशिक्षक आदरणीय राजयोगिनी बीके उषा दीदी जी का ईश्वरीय परिवार द्वारा अत्यंत भावपूर्ण और भव्य स्वागत किया गया।


योग, आध्यात्मिकता और श्राद्ध का वास्तविक अर्थ समझाया

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीके उषा दीदी ने कहा अपने को आत्मा समझकर उस परमपिता को याद करो, हमे घर परिवार मे रहते होउ हमको सबसे सम्बन्ध निभाना है,सकरात्मक सोच का मलतब है आशावादी बनो,योग, ध्यान और आध्यात्मिकता के गहरे रहस्यों को बेहद सरल भाषा में समझाया।

अपनी कमी को जान कर उसे मिटाने का पुरषार्थ करें, जितनी सफाई होंगी उतना ही हल्कापन होगा,इसके साथ ही दीदी ने वर्तमान समय के महत्व को रेखांकित करते हुए श्राद्ध का वास्तविक अर्थ समझाया और जीवन में दान-पुण्य के आध्यात्मिक महत्व पर विशेष प्रकाश डाला।

उन्होंने रोज़मर्रा की जिंदगी से जुड़ी वास्तविक और गहरी कहानियों के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। दीदी ने कहा कि जीवन में ‘सकारात्मक परिवर्तन’ तभी संभव है, जब हमारा परमात्मा पर अटूट विश्वास हो और हम खुद को उनके प्रति पूरी तरह समर्पित कर दें।

उनकी व्यवहारिक आध्यात्मिकता से भरपूर प्रेरणादायी.
इस पावन अवसर पर ग्रीन पार्क केंद्र की मुख्य संचालिका बीके रेखा दीदी जी ने अपने भाव व्यक्त करते हुए आदरणीय उषा दीदी के जालंधर आगमन पर विशेष खुशी जताई और उनका अभिनंदन किया।

और सम्मानित किया . साथ मे वरिष्ठ बी के शमा बहन, बी के विजय भाई, बी के रघु भाई जी का सम्मानित किया कार्यक्रम में ब्रह्मा कुमारीज़ ग्रीन पार्क की सहयोगी संचालिका बीके मीरा दीदी ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को चार चांद लगाए। मंच का अत्यंत कुशल और सुंदर संचालन बीके डॉ. करमजीत संधू बहन ने मंच का संचालन बड़ी खूबी से निर्भया

उल्लेखनीय है कि उषा दीदी ‘व्यवहारिक आध्यात्मिकता’ का एक जीता-जागता उदाहरण हैं। अपनी जन्मजात खूबियों, प्रबंधन क्षमताओं और परमपिता के आशीर्वाद से उन्होंने अपनी आंतरिक शक्ति को मानव कल्याण के मार्ग पर लगाया है। दीदी ने वर्ष 1980 में स्वयं को मानव जाति की आध्यात्मिक सेवा के लिए पूरी तरह समर्पित कर दिया था। अब तक वे देश-विदेश के विभिन्न कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, चिकित्सा संघों, सामाजिक संगठनों, प्रबंधन संघों और कॉर्पोरेट क्षेत्रों में हजारों सफल प्रस्तुतियां दे चुकी हैं।
श्रोताओं ने लिया विशेष लाभ विशेष सत्र में जालंधर शहर के कई प्रबुद्ध नागरिकों, श्रद्धालुओं और बड़ी संख्या में आए भाई-बहनों ने उपस्थित होकर दीदी के प्रवचनों का विशेष लाभ लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी को ईश्वरीय सौगात और प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर मैडिटेशन भी किया,भाई-बहनों ने इस सफल आयोजन के लिए हिस्सा शामिल होउ करतारपुर सेंटर की मुख्य संचालक राज्योंगनी बी के सीमा बहन, निशा बहन, बी के संदीप भाई बी के संजीव भाई विशेष रूप से आहे बी के राज्योंगनी डाक्टर करमजीत संधू,राकेश कुंदरा, बी के राम दियाल भाई, बी के राम चन्दर भाई,, राजेश कोच्छर भाई, सुदेश गुप्ता भाई हरमेश थापर, भाई राजिंदर सहगल भाई फूल चाँद भाई कुलदीप अग्रवाल,बी के पूजा बहन, अंकिता बहन, शिवानी, बी के इंदु बहन, हेमा दीदी और नगर निवासी ने बड़ चड़ कर शामिल होउ

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