विनायक महाजन ( हेल्थ इंस्पेक्टर) ने बताया कि एक बार टिंकू के लक्षण आ जाने के बाद घर वाले चिंतित हो जाते हैं और इसी बात का फायदा उठाकर कुछ लालची लोग सीधा आईसीयू में भर्ती कर देते हैं जहां रोज का 20 से 50 हजार तक आराम से पेशेंट से ले लिया जाता है।
यह सब अपनी ही लापरवाही का नतीजा होता है हम अच्छी तरह जानते हैं की जय मच्छर सिर्फ सुबह और शाम के वक्त ही काटता है और साफ पानी में रहता है तो क्यों ना घर से साफ पानी का जमाव खत्म कर दें घर के बाहर यदि सड़क पर साफ पानी जमा है तो उसमें थोड़ा सा मिट्टी के तेल की कुछ बंदे डाल देने से वह पानी मच्छर के रहने के लायक नहीं रहेगा।
और यदि आप ऐसे स्थान में रहते हैं यहां पर नदी और नाले की करीबी है तो आप अपने घर में 24 घंटे मच्छर रेपेलेंट जरूर लगाए। घर में पानी वाला कूलर हो तो उसे खाली किया जा सकता है और यदि नहीं तो उसमें भी मिट्टी का तेल डाल दो पानी को गंदा कर दो।
याद रखें इसकी कोई वैक्सीन नहीं है इसकी कोई दवा नहीं है। आपकी सावधानी ही वैक्सीन है और दवा है। बाद में बकरी का दूध ढूंढते फिरोगे। और ऐसे समय में जिसके पास एक बकरी होती है वह भी शाम तक 500 लीटर दूध बेच देता है। और आप समझ ही लो कि वह कौन सा दूध बेचता होगा।

