जालंधर: शिव परिवार मानव सेवा सोसायटी की ओर से अमर शहीद लाला जगत नारायण जी की 45वीं पुण्यतिथि के अवसर पर दूसरा रक्तदान कैंप प्लाजा चौक, जालंधर में आयोजित किया गया। कैंप का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक करना रहा।
इस अवसर पर कांग्रेस के जिला शहरी प्रधान राजिंदर बेरी, पार्षद हितेश गरेवाल, डिजिटल मीडिया एसोसिएशन के प्रधान अमन बग्गा, चेयरमैन अजीत सिंह बुलंद, महासचिव जसविंदर सिंह आजाद, पैट्रन प्रदीप वर्मा, स्क्रीनिंग कमेटी हेड गुरप्रीत सिंह संधू, पीआरओ धर्मेंद्र सोंधी और उपप्रधान संदीप वर्मा, इंसानियत दा फैन एसोसिएशन के प्रधान राघव जैन तथा जिला सिटी वाल्मीकि सभा के चेयरमैन राजकुमार राजू भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। इस दौरान शिव परिवार मानव सेवा सोसायटी की ओर से सभी अतिथियों का सम्मान किया गया।
डिजिटल मीडिया एसोसिएशन के प्रधान अमन बग्गा चेयरमैन अजीत सिंह बुलंद और पैट्रन प्रदीप वर्मा ने शिव परिवार मानव सेवा सोसायटी की ओर से किए जा रहे समाजसेवा के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान कैंप जैसे आयोजन समाज में मानवता और सेवा की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए लोगों को बढ़-चढ़कर ऐसे नेक कार्यों में योगदान देना चाहिए।
शिव परिवार मानव सेवा सोसायटी के प्रधान आशु मल्होत्रा और संदीप वर्मा ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रक्तदान एक स्वस्थ व्यक्ति द्वारा स्वेच्छा से किया जाने वाला जीवनरक्षक कार्य है। उन्होंने कहा कि रक्तदान महादान है और स्वैच्छिक रक्तदान के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों की जान बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने स्वस्थ एवं योग्य लोगों से नियमित रूप से रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की।
इस मौके जसविंदर सिंह आजाद धर्मेंद्र सोंधी और गुरप्रीत सिंह संधू ने कहा कि रक्त की आवश्यकता किसी भी व्यक्ति को कभी भी पड़ सकती है। ऐसे में स्वस्थ लोगों को बिना किसी संकोच के स्वेच्छा से रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्त का सामूहिक योगदान समाज की एकजुटता, सेवा भावना और मानवता के प्रति जिम्मेदारी का प्रेरणादायी उदाहरण है।
इस अवसर पर दिनेश चावला, नीलमणि, राजेश कुमार, वैभव शर्मा, संदीप जगताप और राकेश कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।

