डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि
सिगरेट पीने वाले लोग तनाव होने पर ब्रेक लेते हैं, वैसे ही डाइट कोक के शौकीन बार-बार बिना सोचे फ्रिज खोलते हैं. वे तनाव या खाली समय में इसे पीकर एक अजीब सी राहत और संतुष्टि महसूस करते हैं, जो उनके व्यवहार में शामिल हो जाती है.जब हम कोई मीठी चीज खाते हैं तो हमारे शरीर को कैलोरी यानी एनर्जी मिलती है. ।
लेकिन डाइट कोक के मामले में ऐसा नहीं होता है. जब आप इसे पीते हैं तो आपकी जीभ को मीठा स्वाद तो मिलता है लेकिन शरीर को कोई कैलोरी नहीं मिलती. इस वजह से दिमाग का रिवॉर्ड सिस्टम भ्रमित हो जाता है. दिमाग को लगता है कि मीठा आया है तो एनर्जी भी आएगी, पर ऐसा न होने पर वह बार-बार उसी संतुष्टि की मांग करता है. ।
यही वजह है कि आपको बार-बार डाइट कोक पीने की तीव्र इच्छा होने लगती है.लोगों को लगता है कि इसमें जीरो शुगर और जीरो कैलोरी है, तो यह सेहत को नुकसान नहीं पहुंचाएगी. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिना चीनी के भी लोग इसके इस कदर दीवाने क्यों हो जाते हैं?
कई लोग तो दिन में कई बार इसे पीते हैं और चाहकर भी इसे छोड़ नहीं पाते हैं. हालिया रिसर्च से पता चला है कि यह सिर्फ आपके स्वाद की बात नहीं है, बल्कि आपका दिमाग आपके साथ एक बहुत बड़ा खेल खेल रहा है.
डाइट कोक की आदत (Diet Coke addiction) पड़ने के पीछे मुख्य कारण इसमें मौजूद कैफीन, आर्टिफिशियल स्वीटनर्स, और मस्तिष्क में होने वाली केमिकल प्रतिक्रिया है। कैलोरी-मुक्त होने के बावजूद, यह ड्रिंक शारीरिक और मनोवैज्ञानिक रूप से लत को बढ़ावा देती है।
इसकी आदत पड़ने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:कैफीन का उच्च स्तर: डाइट कोक में सामान्य कोका-कोला के मुकाबले अधिक कैफीन (लगभग 46 मिलीग्राम प्रति कैन) होती है। कैफीन एक केंद्रीय तंत्रिका तंत्र उत्तेजक (central nervous system stimulant) है,
जो ऊर्जा बढ़ाता है और इसकी कमी होने पर थकान व सिरदर्द जैसे लक्षण महसूस होते हैं।डोपामाइन का रिलीज: इसमें मौजूद एस्पार्टेम (aspartame) नामक आर्टिफिशियल स्वीटनर चीनी से 200 गुना अधिक मीठा होता है। यह मस्तिष्क के ‘रिवार्ड सेंटर’ को धोखा देकर ‘डोपामाइन’ (खुशी और मोटिवेशन देने वाला हार्मोन) रिलीज़ करता है।
अधूरे इनाम का चक्र (Craving Cycle): जब मस्तिष्क को मीठे का स्वाद (एस्पार्टेम) तो मिलता है, लेकिन उसके बदले शरीर को कोई कैलोरी नहीं मिलती है, तो दिमाग बार-बार उसी संतुष्टि को पाने के लिए और डाइट कोक की मांग करता है।
मानसिक संतुष्टि (गिल्ट-फ्री ड्रिंक): जीरो कैलोरी होने के कारण लोग इसे बिना किसी पछतावे (gilt) के पीते हैं। इसे अपनी दैनिक जीवनशैली या जंक फूड के साथ एक आदत के रूप में शामिल करना आसान हो जाता है।फिजी टेस्ट और फ्लेवर: कार्बोनेटेड पानी और विशेष फ्लेवर का संयोजन एक अनूठा स्वाद (tangy taste) देता है, जो लोगों को सादे पानी या अन्य विकल्पों की तुलना में अधिक आकर्षक लगता है।

