तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार से निकाले जाने के बाद सबसे बड़ा सपोर्ट मिला है. तेज प्रताप यादव की कुछ निजी तस्वीर सोशल मीडिया पर आ जाने के बाद लालू यादव ने उनको राष्ट्रीय जनता दल के साथ साथ अपने परिवार से भी बेदखल कर दिया था. तब से तेज प्रताप यादव अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं.
तेज प्रताप यादव अकेले पड़ चुके हैं. अपनी पार्टी, जनशक्ति जनता दल, बनाकर महुआ विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे हैं. और, तेज प्रताप यादव के खिलाफ तेजस्वी यादव ने आरजेडी के मौजूदा विधायक को ही मैदान में उतार दिया है. पहले तो तेज प्रताप पार्टी या परिवार के खिलाफ कुछ नहीं बोल रहे थे, लेकिन बाद में तो राघोपुर भी पहुंच गए थे. लोगों को जरूरी सामान दिए और सवाल उठाया था कि इलाके के लोग बाढ़ से परेशान हैं, और इलाके का विधायक नदारद है.
राघोपुर से तेजस्वी यादव तीसरी बार चुनाव मैदान में उतरे हैं. तेज प्रताप की भूमिका अपनी जगह है, लेकिन जिस तरह से राघोपुर के लोगों का गुस्सा सामने आ रहा है, तेजस्वी यादव के प्रति नाराजगी भी साफ देखी जा सकती है. ये माजरा तब देखने को मिला जब राबड़ी देवी राघोपुर के दौरे पर थीं, एक बुजुर्ग अपनी बात कह रहा था और तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी पर सवाल उठा रहा था. राबड़ी देवी जैसे तैसे बुजुर्ग की बात सुनती रहीं, और फिर वहां से चली गईं.
